Moonga Stone: मूंगा रत्न ( Koral) किन जातकों को धारण करना चाहिए?

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Moonga Stone: मूंगा रत्न सामान्यतः मूंगा सूर्ख़ लाल या सिंदूरी रंग का होता है। मूंगा समुद्र में पाई जाने वाली एक प्रकार की वनस्पति होती है जिसे अंग्रेजी में कोरल कहा जाता है।

संस्कृत में जिसे लालमणि, अंगारक मणि कहा जाता है।  मूंगा मंगल ग्रह का रत्न है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल साहस, बल, ऊर्जा का कारक, इसलिए मंगल के यह रत्न को साहस, बल, ऊर्जा का प्रतीक माना गया है।

इस रत्न को धारण करने से व्‍यक्‍ति के साहस और आत्‍मविश्‍वास में बढ़ोत्तरी होती है। मंगल भूमि, घर, भवन निर्माण और पुलिस, सेना एवं प्रशासन का कारक है। इन क्षेत्रों में कार्य कर रहे जातकों को मंगल का रत्न मूंगा अत्‍यंत लाभ पहुंचाता है।

मंगल का अर्थ तो कल्याणकारी होता है और मांगलिक का अर्थ भी शुभ ही होता है, लेकिन जब मांगलिक शब्द ज्योतिष शास्त्र के संदर्भ में जुड़ जाते हैं तो इनका एक अर्थ नकारात्मक भी हो जाता है।

यानि किसी जातक की कुंडली मंगल दोष या मांगलिक हो तो उसे जीवन में विवाह, दांपत्य जीवन के साथ-साथ और भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लेकिन समस्या का समाधान भी अवश्य होता है।

ऐसे ही ज्योतिष शास्त्र में मंगल दोष को शांत करने के लिये भी कई सुझाव दिये जाते हैं, जिनमें से एक है पीड़ित जातक को मूंगा रत्न धारण करने की सुझाव देना। परन्तु अच्छी तरह से विश्लेषण किये बिना इस रत्न को धारण नहीं करना चाहिये।

विभिन्न राशियों पर मूंगा रत्न का प्रभाव इसका विश्लेषण लग्न कुंडली के आधार पर किया जाता है। वे जातक जिनकी जन्म कुंडली में मंगल ग्रह किसी शुभ भाव में स्थित है, तो उसके शुभ प्रभाव को और बढ़ाने के लिए मूंगा रत्न धारण किया जा सकता है।

मंगल मेष और वृश्चिक दो राशियों का स्वामी है ये दोनों राशि वाले जातकों को मूंगा धारण करने की सलाह दी जाती है।  कुछ रत्न ऐसे होते हैं जिन्हें धारण करने से आप पर इसके विपरीत प्रभाव पड़ने लगते हैं। मूंगा भी इन्हीं में से एक है।

यदि जातक की कुंडली में मंगल अष्टम में नीच राशि का या शत्रु राशि का हो, या फिर मंगल शनि से अस्त हो, शनि के साथ हो तो मूंगा धारण करना सही नहीं रहता है। ऐसी स्थिति में कई बार मूंगा दुर्घटना का कारण बन जाता है और अनिष्ट की आशंका हमेशा बनी रहती है।

तो आइये जानते हैं मंगल की पीड़ा को शांत करने के लिये किन जातकों को मूंगा ( Moonga Stone) धारण करना चाहिये। और किस को नहीं

मेष: इस राशि के जातक मूंगा रत्न को धारण कर सकते हैं।

वृषभ: इस राशि के लोगों को मूंगा रत्न नहीं पहनना चाहिए।

मिथुन: इस राशि के जातकों को भी मूंगा रत्न धारण नहीं करना चाहिए।

कर्क: इस राशि के जातक मूंगा रत्न पहन सकते हैं।

सिंह: इस राशि के जातकों को मूंगा रत्न पहनना चाहिए। क्योंकि इनके लिए मंगल ग्रह योग कारक है।

कन्या: इस राशि के जातकों को भी मूंगा रत्न धारण नहीं करना चाहिए।

तुला: इस राशि के जातकों को मूंगा रत्न नहीं पहनना चाहिए।

वृश्चिक: इस राशि के लोग कुछ विशेष परिस्थितियों में मूंगा रत्न पहन सकते हैं।

धनु:  इस रत्न को नहीं पहन सकते हैं

मकर: इस राशि के जातकों को मूंगा रत्न नहीं पहनना चाहिए।

कुंभ: इस राशि के जातक विशेष परिस्थितियों में मूंगा रत्न धारण कर सकते हैं।

मीन: इस राशि के जातक भी मूंगा रत्न पहन सकते हैं।

(सूचना: हम सभी पाठकों को यह सुझाव देते हैं कि कोई भी रत्न पहनने से पहले एक बार ज्योतिषी परामर्श अवश्य लें।)

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मूंगा रत्न (Moonga Stone) धारण करने की विधि:

लाल मूंगा रत्न को सोने या मिश्र धातु में धारण करना बहुत अच्छा होता है। इस रत्न का वज़न 6 कैरेट से कम नहीं होना चाहिए। मूंगा को धारण करने की विधि इस प्रकार है:

  • मूंगा रत्न को गाय के कच्चे दूध या गंगाजल में पूरी रात डूबाकर रखें। ऐसा करने से रत्न की सारी अशुद्धियां दूर हो जाएंगी।
  • इस रत्न को मंगलवार के दिन धारण करें। क्योंकि यह दिन मूंगा धारण करने के लिए सबसे शुभ होता है।
  • आसन पर बैठें और मूंगा रत्न जड़ित अंगूठी लाल कपड़े पर रखें। इस कपड़े पर कुछ पुष्प भी रखें और अगरबत्ती और दीप जलाएं।
  • अंगूठी हनुमान जी के चरणों से स्पर्श करें क्योकि वहीं मंगल के अधिष्ठाता देव है।
  • इसके बाद ‘’ऊँ भौं भौमाय नम:’’ मंत्र का 108 बार जाप करें और फिर इस अंगूठी को दायें हाथ की अनामिका अंगुली में धारण कर लें।

इस रत्न को पहनने के बाद यह 9 दिन के अंदर अपना असर दिखाना शुरू कर देता है और इसका प्रभाव 3 साल तक रहता है। बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए जापानी और इटालियन लाल मूंगा धारण करना चाहिए। मूंगा रत्न धारण करने से पहले किसी ज्योतिषाचार्य की सलाह जरूर लें।

मूंगा रत्न से अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए इस अंगूठी को नियमित रूप से साफ करते रहें।

मूंगा रत्न धारण करने के लाभ (BENEFITS OF MOONGA STONE)

मूंगा रत्न धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ाता है, सोच को सकारात्मक करता है। साथ ही इसे धारण करने के पश्चात लोगों का नज़रिया भी आपके प्रति सकारात्मक बनाने लगता है।

मीर्गी, पीलिया व रक्त संबंधी समस्याओं में भी मूंगा कमी लाता है। मूंगा रत्न धारण करने से जातक को भूत-प्रेत आदि बाधाओं का भय नहीं रहता।

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